समझो हमें भी

कुछ समझो हमें भी ,हम क्या चाहते हैं ,
 थोड़ा सा प्यार थोड़ी वफ़ा चाहते है। 
 थक गए हैं हम भी वक़्त के थपेड़ों से ,
 थोड़ी अपनी जमीं अपना आसमां चाहते हैं।। 

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