ए मन





ए मन ये उम्र नहीं 
 दोबारा उलझने की 
 ये तो है सुलझने की 
 धुंध के छटने की 
 जो समझ न पाए अब तक 
 वो समझने की 
 ए मन ये उम्र है ----
 ना रूठने मनाने की 
 ना कसमें खाने की
 ना पश्चाताप की 
 ना आग कुछ बड़ा करने की 
 बस ये तो है
  शांति और संतुलन की
 ए मन ये उम्र है ---
 खुद से खुदके  मिलने की
 खुद से प्यार करने की 
 जीवन का खोना पाना
  स्वीकार करने की 
 ए मन ये उम्र है ---
  थोड़े से नियमों की  
 खुलकरके जीने की 
 सबको अपनाने की
 गीत नया गाने की
 खुद को साधने की 
 ना की बिखरने की 
 ए मन ये उम्र है----

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