दिल मेरे

दिल मेरे दिल मेरे काहे शोर करे 
 भोर से रात तक ,रात से भोर तक 
 सिर्फ शोर सिर्फ शोर सिर्फ शोर करे
 दिलो -दिमाग अब मेरे काबू में नहीं 
 जंग ये काहे को रोज रोज करे
 दिल------
 कब तलक साथ दे सांस और धड़कने  
 दिल कहे काहे तू अब न मौज करे 
 दिल---
 जानती हूँ की मैं हार सकती नहीं 
 झुक सकती नहीं टूट सकती नहीं 
 फिर क्यों कोशिशें रोज रोज करे 
 दिल----

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