ग़ुम

उड़ गयी है नींद
 मेरी रातों की
ज़माना कहता है
हर लम्हा नींद में ग़ुम हूँ  
आजकल दिल 
 यूँ ही धड़क उठता है
 ज़माना कहता है
हर लम्हा इश्क़ में ग़ुम हूँ 
हर वक़्त जूनून 
दिलोदिमाग में है
और मैं खुद से ही पूछूं 
 किस जद्दोज़हद मे ग़ुम हूँ 

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