धन्यवाद

आभार धन्यवाद शुक्रिया
सोचा नहीं था वो हो रहा है
सब कुछ खुद ब खुद हो रहा है
इतना प्यार सराहना सबका साथ मिल रहा है
जादू ये मुझ संग ग़जब हो रहा है
मेरे विचारों से सहमत है दुनिया
लगने लगी थोड़ी अपनी सी दुनिया
न गायेगा ये दिल फिर से कभी भी
"मेरे सामने से हटा लो ये दुनिया"
कदम रहे ज़मीन पे न अकड़ा ये सर हो
रहे मुझपे रहमत क़बूल ये अरज हो
हर शब्द जो निकले कलम से कभी भी
न गलत कभी भी उसका असर हो
जानती हूँ शब्दों में तू ही समाया
सर पर रहे मेरे तेरा ही साया
मुनासिब हो जो भी लिखे वो कलम ये
तेरा करम ही है मैंने कमाया
आभार धन्यवाद शुक्रिया

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