ख़ामोशी

मुझे मेरी खामोशियों 
तन्हाइयों में रहने दो 
कह रही हूँ कुछ अगर 
मुझे सिर्फ उतना ही कहने दो 
शब्द ज्यादा हो गए तो 
शोर ये हो जाएंगे
प्यार दर्द बेचैनी जो भी हो 
सब चुपके चुपके सहने दो

Leave a Reply