कुछ सवाल

हम क्यों नहीं अपने
 बच्चों को समझ पाते हैं?
 जो माँ बाप ने की
 वही गलतियां दोहराते हैं 
कुछ माँ बाप के किये की कसक 
है सभी के सीने में 
जिनसे हम कभी
उबर नहीं पाते हैं  
फिर किस बात के लिए
 हम खुद को
 उनसे बेहतर बताते हैं?
अपने सपने उनपर 
क्या थोपना सही है?
उनकी इच्छा उनकी क्षमता
पर सवाल उठाना सही है ?
 कभी जानो तो सही
 वो हमसे क्या चाहते हैं?
क्या माँ बाप की ख़ुशी के लिए 
अपनी खुशियों का दमन सही है?
क्या प्यार और परवाह का 
दाम माँगना सही है?
अपनी मर्ज़ी से उन्हें
इस दुनियां में लाकर 
उनके जीवन पर 
अधिकार जमाना सही है?
इतना अहंकार हम
 कहाँ से लाते है?
समाज से हम इतना
 क्यों डर जाते हैं?
कुर्बानियां माँ बाप के
 सम्मान के नाम पर 
आने वाली पीढ़ी से 
मांगते जाना क्या सही है?
चलो थोड़ा उनसे
 पूछते बतियाते हैं
कुछ उनकी सुनें
 कुछ अपनी सुनाते हैं 
चलो जीवन के
 कुछ सवाल सुलझाते हैं 
आओ नयी पीढ़ी से 
हाथ मिलाते है

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