माफ़ी

जितनी जल्दी भगवान से माफ़ी चाहता है तू 
उतनी जल्दी माफ़ी दे कर हो जा शांत तू 
आत्मा के है करीब गर तू खुश और शांत है
 दुखी है तो है करीब अहंकार के तू

Leave a Reply