ख्वाहिश

कभी किसी की बद्दुआ  दुआ बन जाती है 
दी हुई सज़ा ज़िन्दगी का मज़ा बन जाती है 
खुद को सँवारो   सही बने रहो तुम 
दिल की हर ख्वाहिश कभी न कभी  पूरी हो जाती है

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