ज़िन्दगी का सफर

ज़िन्दगी के संघर्ष को यूँ आसान कर  
सबके संग हर्ष के साथ काम कर  
सुईं की तरह मत चुभ सबके दिल में 
संग धागे का कर जोड़ने का काम कर 
थक गया है  ग़र ज़िन्दगी से तू  
ठहर  जा  थोड़ी देर आराम कर 
अपने को करके नज़रअंदाज 
नहीं पायेगा तू कुछ  भी 
दूसरों के साथ खुद को भी 
थोड़ा  प्यार मान कर 
मंज़िल पर पहुँच कर
 मिलेंगे ऐसे साथी बहुत
जो संघर्ष में साथ तेरे थे नहीं 
न शिकवा किसी से किसी का
 सुबह शाम कर  
भूल कर सब  बात
 बड़े प्रेम के साथ 
ज़िन्दगी का सफर
 हँस के तमाम कर

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