मैं

ख़ुशी के गीत गाती हूँ मैं 
खूब मुस्कुराती हूँ मैं 
क्या पाया मैंने देखकर 
कहकहे लगाती हूँ मैं
गम की रात ढलती ही है 
ज़मी बर्फ पिघलती ही है 
जो आज है वही सत्य है 
सिर्फ ये ही मानती हूँ मैं
अब नहीं है आँख नम  
दिल में नहीं कोई भी ग़म 
 चाहतें  जो कम हुईं 
दुआएं पा  रही हूँ मैं 
दिल झूम झूम गा रहा 
मन मचल मचल जा रहा 
कोई कह रहा है कानों में   
सबको लुभाती हूँ मैं

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