संभाल

 तेरी हर बात अलग,' प्रभु जी'हर शय निराली 
मेरा है सूरज तू, तेरी हर सूं हैं लाली 
कम्बख़्त ज़माने से मुझको बचाना तू ,
संभालना मुझे भी जैसे हर शय संभाली

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