प्रार्थना

क्षण भंगुर खुशियां ,
अंत हीन इच्छाएं 
 दौड़ना ,भागना 
और फिर दौड़ना 
खुशियां और प्यार
 बांटते हुए  
आशाओं की डोर 
कभी ना छोड़ना
प्यार और संतोष 
से भर दो ये जीवन 
खाली हाथ "मालिक "मेरे
 मुझको ना मोड़ना
 रोम रोम, कण कण
, में तू ही समाया  
विनती भी पुकार भी ,
मुझको ना भूलना  
मुझको ना भूलना

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