तेरे लिए

अगर  इश्क़ की गलियां नहीं ,तेरे लिए
फूलों की कलियाँ नहीं ,तेरे लिए 
मशविरे ही मशविरे हैं, जहाँ जाओ 
चारोँ तरफ गम के अँधेरे हैं, सिर्फ तेरे लिए 

कभी पैसे, कभी प्यार ,कभी अपनेपन ,को तरसे 
कोई राहत की नहीं सांस यहाँ ,तेरे लिए
जिम्मेदारी निभाईं ,सहा जिनकी खातिर 
वो ही बनायें बात ,न बनें सहारा तेरे लिए 

क्या तुझे अपनी अना का भी पास नहीं 
कुछ नहीं जमाने के पास तेरे लिए
भूल बैठा है तू ज़िन्दगी का सबक
वक़्त नहीं पास किसीके, आज तेरे लिए 

बन गया है' सिफर 'गर तू अपने लिए 
साथ खड़ा रह सभी के साथ ,लाज़िम है तेरे लिए 
तेरी हर बात ,हर ज़ज़्बात ,हर अहसास,' सिफर' 
क्यों ज़रूरी है हर एक बात फिर तेरे लिए 

सिर्फ ज़रूरी है तेरा साथ सिर्फ तेरे लिए 
सिर्फ ज़रूरी है तेरा साथ सिर्फ तेरे लिए

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