कर देंगे ?

मौत के डर से जीना नहीं छोड़ देंगे
बहकने के डर से पीना नहीं छोड़ देंगे
हम वो अड़ियल है साहब ,कोरोना के डर से 
कुम्भ नहाना नहीं छोड़ देंगे 
कोई एक गलत करे ,हम करेंगे सौ!
 हम क्या कम बेवक़ूफ़ है !जो उसे जीतने देंगे  
 यार हमारी नाकामी मत गिनवाओ हमें
हम तुम्हारी नाकामियों पे पूरी किताब लिख देंगे 
परिवार नियोजन से तो अच्छा ही कर रहे हैं हम  
एक सौ तीस करोड़ से कुछ करोड़ तो कम कर ही देंगे 
हम से सीखो सफाई के नंबर होते है पूरे 
सब योजनाओं को तो हम अपने नाम लिख ही देंगे 
अरे छोड़ो !जनता को कुछ समझ ही कहाँ है ?
उन्हें जात धर्म हिन्दू मुस्लिम आरक्षण में उलझा के रख देंगे 
मत चीखो चिल्लाओ जुल्म हुआ!जुल्म हुआ! हमारे राज में तुम पर 
तुम्हें क्या लगता है ??हम 'तुम्हें' छोड़ देंगे !!
क्या खाकर कोई हराएगा हमें ?एक छिछली छिछोरी सी बात 
और हम हवा का रुख मोड़ देंगे 
जनता का क्या!! भूल जायेगी पुराना गम  
जब हम नया जख्म रोज़ देंगे 
लालच इंसान की है सबसे बड़ी कमज़ोरी 
इसके लिए देश में हम कुछ भी घटा जोड़ देंगे 
शहीद ,किसान ,आम नागरिक, मरता तो पहले भी था 
तो क्या हुआ उनमे हज़ार लाख नाम जोड़ देंगे 
तुम क्या समझो क्या क्या करके पहुंचे यहाँ तक हम 
अब क्या अपनी पुरानी रवायत छोड़ देंगे       

4 thoughts on “कर देंगे ?

    1. काश!कुछ फर्क पड़े
      साभार धन्यवाद !प्रभु आपको और आपके अपनों को स्वस्थ एवं सुखी रखें!

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