हार नहीं मानी

दिल की हर रस्म अदा की हमने
 हाँ हर रिश्ते से खूब वफ़ा की हमने
तभी तो गरूर से सर है ऊँचा मेरा 
जिंदगी तुझसे हार नहीं मानी हमने

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