जिंदगी

जिंदगी! तू जब देखो सताती ही रही 
हँसाया कम रुलाती ही रही 
तूने लगातार दबाने की, की कोशिश लेकिन 
मैं दुगने वेग से छलांग ऊँची लगाती ही रही

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