योगक्षेम

जो अनन्य प्रेमी भक्त करे 
निरंतर परमात्म चिंतन
निष्काम भाव से करे 
प्रभु  का भजन   
उसके योगक्षेम का भार 
प्रभु खुद ही करे वहन । 

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