ज़रूरत

दर्देदिल लबों पे लाने की ज़रूरत क्या है 
सबको राजेदिल बताने की ज़रूरत क्या है   
सबके वक़्त गुजारने का जरिया मत बन
सबको सफाई देने की ज़रूरत क्या है
 
है कौन तेरा किसको पड़ी है तेरी यारा 
अपना मान के धोखा खाने की ज़रूरत क्या है 
बता दे सब,कह दे सब ,दिल की रब से 
वो ही बदलेगा तेरा हाल ,किसी और की हैसियत क्या है 

सर झुकाना है या माँगना है तो मांग रब से 
सारी दुनियां को रिझाने की ज़रूरत क्या है 
ना रही रात हमेशा  ना रहे सितमगर ही 
इतना घबराने की ज़रूरत क्या है
 
अपनेआप को उठा ऊँचा और ऊँचा!
मदद कर सबकी 
छोड़ उम्मीद ओ आसरा सबसे  
खुद को इतना भी गिराने की ज़रूरत क्या है

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