मन की बात

बहुत कुछ हो रहा है हमारे
दिल में ,घर में ,समाज में, देश में ,दुनिया में  
हर तरफ बहुत कुछ डरा रहा है ,बता रहा है  
जो हमारे नियंत्रण से बाहर है 
क्या करे समझ नहीं आ रहा है 
जो भी हो हमे खुद को संभालना ही होगा 
पहले भीतर से, फिर बाहर से !
सबसे पहले तो हम 
इस परेशानी में अकेले नहीं हैं 
कई लोगों के हालात 
हम से भी बुरे हैं
और कोई ना भी हो तो 
परमात्मा तो है विश्वास रख !! 
हम जो कर रहे हैं वो 
परेशानी बढ़ा रहा है या 
कम कर रहा है ?
आराम से बैठो और 
खुद को दूर से देखो 
जवाब ज़रूर मिलेगा 
हम सभी के अपने कर्म हैं, 
अपनी यात्रा है ,अपनी मंज़िल है! 
दर्द को गुजरने दो ,दर्द को निकलने दो ,
ये सामान्य है,दर्द को गतिरोध न दो !! 
तुम सिर्फ तुम ! तुम्हारे अच्छे दोस्त हो !
जो खुद को औरों से बेहतर जानते हो !!
केवल तुम्ही भरोगे अपने घाव ! 
तुम्ही करोगे खुद को स्वस्थ!जानते हो ! 
चुनौतियाँ तो पहले भी आती थीं,
अभी भी हैं और आती  रहेंगी ! 
हम हार नहीं  मान सकते  ,कभी नहीं !
ये विकल्प ना पहले था! ना है ! ना रहेगा !  
रब की रज़ा में खुश रह,  आगे बढ़ चाहे जो भी हो !

Leave a Reply