आस

मैं हर वक़्त तेरी यादों में गुम सी हूँ 
तू यहीं कहीं मेरे आसपास ही है 
तेरी आरज़ू तेरे अहसास में डूबी ऐसे 
वो जिसने ज़िंदा रखा ,तेरे मिलने की आस ही है

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