अंदाज़

सबकी अपनी यात्रा अपना अपना साथ 
     अपने निजी अनुभव और अपने ज़ज़्बात 
दुनिया से कहे 'सीमा 'ये कैसे  है मुमकिन 
     बात हमारी  हो और आपका हो अंदाज़ !

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