ऐ रब मेरे

ऐ रब मेरे! हुस्न तेरा कमाल है कमाल  
हर बात हर हुनर हर अदा है बेमिसाल 
बिछ जाऊं तेरी राह में, मैं फूलों की मानिंद 
 तेरा संगमरमरी मुजस्समा करे है हलाल
ऐ रब मेरे! हुस्न तेरा कमाल है कमाल .........

है रात दिन अब तेरा ख्याल ही ख्याल 
बन गया है मेरी तो ये जान का बवाल 
कभी तो बन के आ मेरे ख्वाब की ताबीर 
 नहीं तो ज़िन्दगी मेरी, सिर्फ है मलाल
ऐ रब मेरे! हुस्न तेरा कमाल है कमाल ........ 
 
नहीं चाहिए जन्नत मुझे, ना ही तेरी दुनिया 
तेरे बिना नहीं कोई, मेरा यहाँ अपना 
अपना लिया मुझे  मेरी ,नादानियों के साथ 
तुझमे हो जाऊं ज़ज़्ब ,बस यही है ख्याल 
ऐ रब मेरे! हुस्न तेरा कमाल है कमाल .......  

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