ए ज़िन्दगी

जब कभी मायूस हो जाती हूँ मैं 
टूट कर लगभग बिखर जाती हूँ मैं 
उम्मीद का दामन छूटने सा लगता है
कहीं दूर से धीमी सी आवाज़ देती है तू
 ए ज़िन्दगी हैरान कर देती है तू 
   
जब उदासी गहन हो जाती है 
आँखों से नींद भी उड़ जाती है
दिल जोरों से धड़कने लगता है  
किसी प्यारे का मीठा सा पैगाम ले आती है तू 
 ए ज़िन्दगी हैरान कर देती है तू 

जब ये होंठ कंपकपाने लगते हैं 
आँखों से आंसू छलकने लगते हैं 
खुद से भरोसा सा उठने लगता है
उम्मीद की उजली किरण बन जाती है तू 
ए ज़िन्दगी हैरान कर देती है तू 

		

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