मशगूल

दर्दे-दरिया में डूबना ज़रूरी नहीं 
खुशियों में फूलना भी ज़रूरी नहीं 
सारे जहाँ के लिए दुआ कर नाज़ुक समय में 
खुद में मशगूल रहना इतना ज़रूरी नहीं 

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