सम्पूर्ण

हुज़ूर बेवज़ह बे बात ना चीखिये  
हर झगडे को लंबा ना खींचिए   
सम्पूर्ण कोई था नहीं ,है नहीं, होगा नहीं 
सबको उनकी कमियों के साथ अपनाना सीखिए 

Leave a Reply