सम हो जाने के बाद

हर दर्द हो जाता है बेअसर 
मन मज़बूत कर लेने के बाद 
पाने खोने का दर्द नहीं रहता 
सम हो जाने के बाद 

चारों तरफ होगी मीठी सी खुशबू 
दिल का कमल खिलने के बाद 
मेरा अहसास रहेगा हर रूह में ऐसे 
जैसे खुशबु रह जाए गुलाब छू लेने के बाद 

तू,तेरी दुनिया बदल जायें भी तो क्या 
क्या फायदा मेरे जहाँ से जाने के बाद 
मैं रहूँ या ना रहूँ सीख रह जायें मेरी 
याद चाहे ना रहे मेरे चले जाने के बाद
 

6 thoughts on “सम हो जाने के बाद

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