रोशन

 (मेरा विआन कभी कभी अपनी नानी से मिलने आता है। वो 1१/२ साल का है। जब वो वापिस गया तो मेरे दिल में ये शेर उसके लिए आया। )

हम जिनपर दिलोजान से कुर्बान होते हैं 
वो हम पे कभी कभी ही मेहरबान होते हैं 
मगर जब भी आ जाते हैं वो महफ़िल में  !
क्या दिल ! क्या घर ! रोशन मेरे दोनों जहाँ होते हैं  ..

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