पहली किरण

आशियाँ बना नहीं उम्र सारी लग गयी  
पंछी  सारे उड़ गए वो ताकती रह गयी  
और कोई क्या साथ देता हमसफ़र तक नहीं 
उड़ान फिर भी बाकी है ! जान फिर भी बाकी है ! 
सुबह की पहली किरण कानों में कह गयी !!

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