मौत

कोई रात को सोया सुबह उठा ही नहीं 
ज़िन्दगी अपनी बेवफाई का सबूत देती रहती है तू 
मौत है अटल सत्य ,तू  सिर्फ एक छलावा  !  
सुख दुःख की लहरों में ख्वाहिशों की नाव खेती रहती है तू   




7 thoughts on “मौत

    1. ji ! siddharth shukla ‘s death made me think about life .पानी केरा बुदबुदा अस मानुस की जात।
      देखत ही छिप जाएगा ज्यूँ तारा प्रभात।। .

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