अकेले

प्यार किसी से किया न कम,
फिर भी सबको पड़ता कम !  
चारों तरफ अपनों की भीड़ ,
समझा मगर नहीं कोई पीड़ !  
हम तो तनहा रहें अकेले , 
मेले में घुटता है दम !

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