मलाल

ये दिल बारहा तुझे आवाजें देता रहा  
सुन के भी रब मेरे! तू अनसुना करता रहा 
अब सुना तो ऐसे सुना ! कि झूमने लगा है दिल 
मलाल बीते सालों का इस दिल से जाता रहा 

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