गुनहगार

आप किसी से प्यार नहीं कर सकते 
तो शादी भी मत करिये 
माँ बाप की ख़ुशी के लिए 
किसी की ज़िन्दगी 
बर्बाद मत करिये 
वो भी किसी की लाड़ली ,नाज़ो से पली ,
है आँखों का नूर !
हमसफ़र बना सको 
तो ही कदम आगे रखिये 
रोटियों की कमी तो माँ बाप के घर 
किसी को भी नहीं होती 
सिर्फ रोटियों पे बिन पगार 
नौकरानी मत रखिये 
वो जो अपनों को छोड़ 
आती है आपके घर 
उसके अपने बीच कोई 
अदृश्य दीवार मत रखिये 
मासूम दिल जो टूटा तो 
जीवन कोई रूठा तो 
रब के ,उसके और उसके परिवार के 
गुनहगार मत बनिए !
 

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