मुस्कान

होठों से ही नहीं आँखों से मुस्कुराइए  
दिमाग से नहीं, कभी दिल की भी बतलाइये 
मैंने तो साँसें भी की तुम्हारे नाम ! 
तुम्हारा दिन कहाँ गुजरा,कुछ तो बताइये 

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