पुकार

नम आँखें मुस्कुरा देंगी   
आस के दिए जल जाएंगे   
चारों सूं खुशियों की आहट 
      जब प्यार से पुकारोगे तुम  
मिट जाएंगे गम, हर सूं  ख़ुशी 
अजीब सी आवारगी 
रग रग में बेपरवाही 
    जब प्यार से पुकारोगे तुम  
सूर्य सी दमकती मैं 
चाँद सी चमकती मैं 
फूल सी महकूँगी मैं
    जब प्यार से पुकारोगे तुम
ज़िंदा तो हूँ पर जीवन नहीं 
अनवरत इंतज़ार है अनबुझी सी प्यास है 
सांस जीवन लेने लगेगा 
   जब प्यार से पुकारोगे तुम 
मैं आत्मा परमात्म तुम 
इस जीवन की स्वास तुम 
धड़कने लगेगा दिल 
    जब प्यार से पुकारोगे तुम 
 

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