बेशर्मी

ज्यादातर सभी को आप बेशर्मी  से हँसते देखिये  
अपने बोले झूठ पर खूब इतराते देखिये  
बेवफाई का जो हैं ,खुद जीता जागता सबूत 
दूसरों को वफादारी का ,सबक सिखाते देखिये 

खुद अपनी ख़ुशी कहीं भी ,ढूँढ लेते हैं जनाब 
दूसरे की ख़ुशी पर, दिल पे साँप लोटते देखिये 
वो तो किसी ने किया नहीं ,हमारे लिए कुछ भी !
जो खुद से हासिल किया,उस पर राल टपकाते देखिये  

वो जो दूसरे की ख़ुशी को पूरा डस गया 
उसको आज साँप सा फुफकारते देखिये 
खुद तो बोला अकड़ के 'जी ली अपनी ज़िन्दगी' हमने
दूसरा जीने लगा तो नागवार गुजरते देखिये   
 
अमानवीयता की हद से खुद ,गुजर गया जो कईं बार 
उसे 'किया ही क्या है मैंने' का गीत,हज़ार बार गाते देखिये  
सहने वाले सहते रहे हद से गुजरता रहा वो 
उस को हर रोज़ नयी हद पार करते देखिये  

बहुत हुआ अब ! ज़रा संभल !
रोज़ तुझे ही क्यों गम सहते हुए देखिये  
अकेलापन बेइज़्ज़ती से है बेहतर यार !
दिल तड़प जाता है ! तुझे तन्हाई में रोते देखिये !


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