ज़िन्दगी तेरे साथ

वक़्त की धार पर 
जैसे तलवार पर 
यूँ ही चलते जाते हैं 
ज़िन्दगी तेरे साथ बहते जाते है  ...
चाहे प्यार मिले या वार 
खूबसूरत हो या बेकार 
यूँ ही सहते जाते हैं 
ज़िन्दगी तेरे साथ बहते जाते हैं ...
चाहे अपने दे ना साथ 
पराये भी छुड़ा लें हाथ 
यूँ ही बढ़ते जाते हैं 
ज़िन्दगी तेरे साथ बहते जाते हैं ...
मार्ग में मिले अवरोध 
कितना भी मिला विरोध 
यूँ ही लड़ते जाते हैं 
ज़िन्दगी तेरे साथ बहते जाते हैं ...
बिछड़ गए अपने कईं 
जुड़ गए अपने कईं 
प्रभु का कर धन्यवाद 
यूँ ही ज़िन्दगी तेरे साथ बहते जाते हैं ...


4 thoughts on “ज़िन्दगी तेरे साथ

Leave a Reply to seemakaushikmukt Cancel reply