अकेलापन

अकेलेपन की दुनिया अनूठी और हसीन
इसमें ज़िन्दगी कभी होती नहीं ग़मगीन 
हो जाए ग़र आपकी खुद से यारी ज़नाब 
हर लम्हा हो ख़ास और ज़िन्दगी हो रंगीन 

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