आत्मनियंत्रण

आत्मनियंत्रण रख ज़रा , इसमें सुख है मान 
लालच के इस खेल में , सब हारे तू जान 
सब हारे तू जान ,बात है बिल्कुल सच्ची 
मिले न कुछ अनमोल, अगर नीयत है कच्ची 
मत हो तुम भयहीन, दुःख को मत दे निमंत्रण 
लालच से हो नाश, रखो जी आत्मनियंत्रण  

2 thoughts on “आत्मनियंत्रण

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