शाम

बादलों की गड़गड़ाहट 
चिड़ियों का चहचहाना 
बहें हवाएँ मद्धम-मद्धम
यूँ आँखों से मुस्कुराना 
है दिल में हड़बड़ाहट 
चाहे दिल गीत कोई गाना 
हुआ दिल से दिल का संगम 
ये शाम मधुर तराना 
आ हाथ थाम मेरा 
चल दूर चले कहीं हम तुम 
सुरमयी शाम,मदमस्त हम-तुम 
और हंसना हँसाना 

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