सीख

सीख मिले कमज़ोर को, नहीं मिले बलवान 
रख न सके ख़ुद बात वो, हर पल दबता जान 
हर पल दबता जान, नहीं लत क्रोध जताना 
ज्यादा बिगड़े बात, पड़े है तब चिल्लाना  
शासक कैसे योग्य , नहीं जो बिन चीख हिले   
न कमज़ोर को साथ , खोखली बस सीख मिले     
          ✍️ सीमा कौशिक 'मुक्त' ✍️  

3 thoughts on “सीख

      1. आप अपनी प्रोफाइल से मेरी प्रोफाइल जोड़ने की कोशिश करें आपकी अति कृपा होगी🙏

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