बादल

झूमते गाते आये बादल
सुन्दर प्यारे प्यारे बादल
नभ से मीठी बातें करते
ख़ुद पर इठलाते हैं बादल

हर कली हर उपवन महकाने
धरती की वो प्यास बुझाने
सौंधी सी मिट्टी महकाने
रंगबिरंगे फूल खिलाने
झूमते गाते आये बादल

इनकी है हवाओं से यारी
हाथ पकड़ उड़ते है बादल
तन मन को ये खूब ही भाते
बरसें जब भी छमछम बादल
झूमते गाते आये बादल