जाम

दर्द में भी मुस्कुराना सीख लेना चाहिए
जंग गर अपनों से हो ,हार के जीत लेना चाहिए  
प्यार मोहब्बत के जाम हमेशा से पीते तो हैं सभी  
कड़वाहट के जाम भी पीना सीख लेना चाहिए   

मिट्टी

चाहे तू या मैं ! 
सब कुछ मिट्टी ही है ! 
मिट्टी में रहता है 
मिट्टी ही चाहता है 
मिट्टी ही पाता है 
मिट्टी संजोता है 
मिट्टी ही खोता है 
फिर भी सबको कुछ कुछ समझता
हँसता और रोता है
सुन !कितना भी उड़ें हम ! 
यहाँ सब कुछ मिट्टी में ज़ज़्ब होता है !

सजावट

फूलों की तरह महकते रहें आप 
सितारों की तरह चमकते रहें आप  
ईश्वर की कृपा से मिली है ज़िन्दगी 
इंसानियत से उसको सजाते रहें आप  

दुआ

फूल खिलते रहें आपकी राह में 
हंसी चमकती रहे आपकी निगाह में 
कदम कदम पर मिले ख़ुशी की बहार आपको 
दिल मांगता है बार बार यही रब से दुआओं में 

मुस्कान

होठों से ही नहीं आँखों से मुस्कुराइए  
दिमाग से नहीं, कभी दिल की भी बतलाइये 
मैंने तो साँसें भी की तुम्हारे नाम ! 
तुम्हारा दिन कहाँ गुजरा,कुछ तो बताइये 

बेचैन

वो हमसे उम्मीदों का सिलसिला टूटने नहीं देते !
रूठे तो बहुत हैं उनसे हम ! मगर दामन छूटने नहीं देते !
चैन नहीं उनको हमसे बिछड़कर एक पल भी !
हम भी बेचैन से , अगर वो आवाज़  नहीं देते !

बेख्याली

हर दर्द हर बात नज़र अंदाज़ करने वालों 
आएगा वक़्त!
तुम्हें भी नज़रअंदाज़ किया जाएगा 
दूसरों के दर्द से नज़रें चुराने वालों ! 
रूह तड़पेगी तुम्हारी भी !
तुमसे भी हर बेख्याली का हिसाब लिया जाएगा   

मंज़िल

      वक़्त के दरिया में डूबते उतराते 
      कर ही ली पार ज़िन्दगी हमने 
      साथ तेरा हमेशा  रहा रब मेरे !
बेसबब ज़िन्दगी में भी ढूँढ ली मंज़िल हमने  .....