आत्मदीप

लक्ष्मी संग गणपति विराजो ,ह्रदय निर्मल हो मेरा 
अवगुण का अन्धकार मिटाकर , करो एक नया सवेरा
रोशन करो हमारी राहें,  दिखने लगे सब साफ़ हमें 
ये आत्मदीप प्रज्ज्वलित करो ,मिटे जीवन का अँधेरा   
               ✍️ सीमा कौशिक 'मुक्त' ✍️