पूर्ण

*अपनाओ तन-मन ह्रदय, पूर्ण प्रेम से पाग* 
*रिश्तों को नव मायने, रोज़ बढे अनुराग*
*रोज़ बढे अनुराग,प्रेम से कटे ज़िन्दगी*  
*करें अपूर्ण  प्रेम, लगे है एक दिल्लगी* 
*समझो जीवन सार, न अपना मन भरमाओ*   
*जीवन दो  उपहार , पूर्ण प्रिय को अपनाओ*