बेचैन

वो हमसे उम्मीदों का सिलसिला टूटने नहीं देते !
रूठे तो बहुत हैं उनसे हम ! मगर दामन छूटने नहीं देते !
चैन नहीं उनको हमसे बिछड़कर एक पल भी !
हम भी बेचैन से , अगर वो आवाज़  नहीं देते !