ब्रह्माण्ड

ब्रह्माण्ड से दिलदार नहीं कोई 
 सब कुछ सौ गुना हज़ार गुना करता है 
अच्छी सोच अच्छे विचार
 रखो सबके लिए
फिर देखो दुनिया को कैसे
 खुशहाल करता है
सबको अपना समझ के
भेजो प्यार और शुभकामनाएं रोज़ 
फिर देखो तुम्हारा दामन
 खुशियों से कैसे भरता है
अपने लिए 
दिल दुखाने वालों को
 माफ़ कर दो  ना तुम 
माफ़ ना करके 
क्यों रोज़ रोज़ मरता है 
तुझे जो अपने लिए चाहिए
 वो ही सोच 
ब्रह्माण्ड तो बस कई गुना करता है
ब्रह्माण्ड तो बस कई गुना करता है