माफ़ी

 *माफ़ी मंगवाने की ज़िद्द सदा  तेरे रिश्ते की कब्र में आखिरी कील*  
 *गलती महसूस होगी तो आएगी माफ़ी, वर्ना तू ख़ुद  होगा ज़लील*
 *सब अपने गिरेबान में झाँक कर तो देखें कभी अपनी अपनी गलतियाँ* 
 *हर शख़्स को आइना देखना ज़रूरी, वर्ना अक्सर देगा गलत दलील*  
                           ✍️ सीमा कौशिक 'मुक्त' ✍️

माफ़ी

जितनी जल्दी भगवान से माफ़ी चाहता है तू 
उतनी जल्दी माफ़ी दे कर हो जा शांत तू 
आत्मा के है करीब गर तू खुश और शांत है
 दुखी है तो है करीब अहंकार के तू