राम

कब मेरे दिल की कही, समझ सकेंगे राम 
राम भजूँ दिन-रात मैं , कभी बनेंगे काम 
    राम मय संसार है 
    राम सृष्टि का सार  
    राम बिन सब अर्थहीन 
    ये जीवन बेकार 
    जप रामनाम ऐसे जैसे 
    आखिरी है ये श्वास   
    रामकृपा से पूर्ण हो
    सबका हर इक काज 
    राम नाम ही है तेरे 
    जीवन की पूंजी
    रामनाम सदा बने 
    सफलता की कुंजी
     बसता रोम रोम में  
     राम नाम संगीत 
     बसो राम ह्रदय मेरे 
     सफल हो जीवन गीत 
        ✍️ सीमा कौशिक 'मुक्त' ✍️