शारदा वंदन

हे शारदे माँ, हे शारदे माँ,
करुणा कृपा से तू तार दे माँ 
हो सूक्ष्म प्रज्ञा ,वाणी में असर हो ,
भावों में शुद्धि की न कोई कसर हो  
हे शारदे माँ हे शारदे माँ .....

जीवन का सार ,सूंदर शब्दों में हों माँ 
उदगार मन के ,सटीक शब्दों में हों माँ  
सही राह मिले मेरे ,शब्दों से सभी को 
नित नवीन प्रखर बुद्धि ,का आशीष दे माँ 
हे शारदे माँ ,हे शारदे माँ .....

भाव-शब्दों का हो समन्वय सदा माँ 
समय के हों अनुरूप , उपकार हो माँ 
सदा ही करूँ तेरा, वंदन ,अभिनन्दन 
शीश चरणों में है ,मुझको आशीष दे माँ 
 हे शारदे माँ ,हे शारदे माँ ......
               ✍️सीमा कौशिक 'मुक्त' ✍️